Computer Hardware And Software In Hindi | कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर | RSCIT Notes In Hindi #4

Computer Hardware And Software In Hindi :- आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे Computer Hardware and Software Notes in Hindi के बारे में, ये Notes RSCIT की Official बुक में से आपके लिए बनाये गए हैं।
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RSCIT Notes में आज हम Computer Hardware And Software In Hindi, जिसमे हम हार्डवेयर के दो भागों (Input & Output) के साथ-साथ सॉफ्टवेयर में Operating System, System Software, Application Software Etc. के बारे में में पढ़ेंगे।.

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Computer Hardware And Software In Hindi | कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर | RSCIT Notes In Hindi #4

1. कंप्यूटर हार्डवेयर (Computer Hardware) :-
 कंप्यूटर के वे भाग जिनका भौतिक स्वरूप होता हैं, उनको हार्डवेयर कहा जाता हैं अगर सामान्य भाषा में बोलें तो कंप्यूटर के वे भाग जिनको हम देख व छू सकते हैं। हार्डवेयर कहलाते हैं। 
Example - Monitor, CUP, Keyboard, Mouse, Printer, Scanner आदि के आलावा भी बहुत सारे Computer Hardware होते हैं, जिनका वर्णन आपको Next Post में मिलेगा।

Computer Hardware को चार भागो में बांटा गया हैं-
  • इनपुट डिवाइस (Input Device)
  • आउटपुट डिवाइस  (Output Device)
  • प्रोसेसिंग डिवाइस ( Processing Device)
  • स्टोरेज डिवाइस (Storage Device)

इनपुट डिवाइस (Input Device) :-
➭ वे उपकरण जो कंप्यूटर में डेटा को इनपुट करवाते हैं। इनपुट उपकरण कहलाते हैं।
➭ Keyboard, Mouse, Scanner, Web cam, Microphone, Joystick, Touch pad, Trackball Etc. इनपुट डिवाइस के उदारण हैं।
➭ इनपुट डिवाइस Information को Electrical Signal में Convert करते हैं।
➭ इनपुट उपकरणों का मुख्य कार्य मनुष्य को कंप्यूटर के साथ Interaction (बातचीत) करवाना होता हैं।

आउटपुट डिवाइस (Output Device) :-
➭ ये उपकरण कंप्यूटर सिस्टम से इनफार्मेशन लेते हैं और उसे ऐसे रूप में परिवर्तित कर देते हैं जिसे मनुष्य आसानी से समझ सकता हैं। उदाहरण - Printer द्वारा कंप्यूटर में स्टोर किसी  Document को Print करना ताकि कोई भी इंसान उसे आसानी से समझ सके।
➭ Monitor, Printer, Headphone, Speaker, Touchscreen, Projector Etc. आउटपुट डिवाइस के उदारण हैं।

प्रोसेसिंग डिवाइस ( Processing Device) :-
➭ ये उपकरण कंप्यूटर के भीतर इनफार्मेशन की प्रोसेसिंग करते हैं।
➭ Motherboard, Processor, Memory. प्रोसेसिंग डिवाइस के उदारण हैं।

स्टोरेज डिवाइस (Storage Device) :-
➭ ये उपकरण कंप्यूटर भीतर डेटा Store करने का कार्य करते हैं।
➭ Hard Disk Drive, Compact Disk Drive इसके उदारण हैं।

2. कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (Computer Software) :-
➭ हम सॉफ्टवेयर के द्वारा बहुत से कार्य कर सकते हैं
➭ कंप्यूटर में सभी कार्य सॉफ्टवेयर के द्वारा किये जाते हैं जो की Secondary Memory में स्टोर हो जाते हैं।
➭ सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स का ही दूसरा नाम होता हैं।
➭ अलग-अलग सॉफ्टवेयर अलग-अलग कार्य के लिए बनाये जाते हैं जो की एक विशेष Programming Language में लिखे होते हैं।

Computer Software को दो भागो में बांटा गया हैं-
  • 1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) (चार भाग)
    • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
    • सिस्टम यूटिलिटीज (System Utilities)
    • डिवाइस ड्राइवर (Device Driver)
    • सर्वर (Server)
  • 2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) (दो भाग)
    • बेसिक एप्लीकेशन (Basic Applications) 
    • स्पेशलाइज्ड एप्लीकेशन (Specialized Applications)

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) :-
➭ सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर हैं जो पहले User से सूचना का आदान-प्रदान करता हैं और फिर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के साथ कार्य करता हैं। 
➭ सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के आंतरिक संसाधनों का प्रबधन करने में मदद करता हैं। 
➭ सिस्टम सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम नहीं बल्कि बहुत सारे प्रोग्रामों का एक संग्रह हैं। 

सिस्टम सॉफ्टवेयर के घटक निम्न हैं -
1. ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System):-
➭ ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर हैं जो कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रबंधन करने के साथ-साथ कंप्यूटर प्रोग्रामो को सेवाएं प्रदान करता हैं। 
➭ ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर और User के बीच Interface प्रदान करता हैं।
➭ ऑपरेटिंग सिस्टम में Windows OS बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाला OS हैं 
➭ लिनिक्स और यूनिक्स OS भी कुछ विशेष प्रकार की एप्लीकेशन में इस्तेमाल किया जाता हैं। ये कई प्रकार के होते हैं - एम्बेडेड (Embedded), वितरित (Distributed), वास्तविक समय (Real Time) अादि। 

2. सिस्टम यूटिलिटीज (System Utilities):-
➭ यूटिलिटी विंभिन्न प्रकार की सेवाएं हैं जो की ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा प्रदान की जाती हैं। 
कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर -
➭ Disk Defragmenters: डिस्क डीफ़्रेग्मेंटर्स, ऐसे कंप्यूटर फाइलों का पता लगाते हैं जिनके कंटेंट हार्ड डिस्क पर कई लोकेशन में फैले हुए है, और एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए फ़्रेग्मेंट को एक ही लोकेशन पर ले जाते हैं।
➭ Network Utilities: नेटवर्क युटिलिटीज कंप्यूटर नेटवर्क कि कनेक्टिविटी को एनलाइज़ करते है, नेटवर्क सेटिंग कॉन्फ़िगर करते है, डाटा ट्रांसफर या लॉग इवेंट्स चेक करते है।
➭ Backup Software: बैकअप सॉफ्टवेयर डिस्क पर स्‍टोर सभी इनफॉर्मेशन की कॉपिज बनाता है और डेटा लॉस्‍ट होने पर इस बैकअप को रिस्‍टोर करने में मदद करते हैं।

3. डिवाइस ड्राइवर (Device Driver):-
➭ ये विशेष प्रोग्राम होते हैं जो की अन्य Input और Output Device को कंप्यूटर से जुड़ने में मदद करते हैं। 
जैसे - अगर आप एक नई प्रिंटर को कंप्यूटर से जोड़ रहे हैं तो आपको उस प्रिंटर के Device Driver करने होंगे, अन्यथा प्रिंटर Work नहीं करेगा। 

4. सर्वर (Server):-
➭ इसकी आवश्यकता तब होती हैं जब अलग-अलग User द्वारा किये गए अनुरोधों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोग्रामों को रन करने की जरूरत होती हैं। 

5. लैंग्वेज ट्रांसलेटर (Language translator):- 
➭ ये भी सिस्टम सॉफ्टवेयर में ही काउंट होते हैं। 
➭  इसके द्वारा हम किसी लैंग्वेज को दूसरी लैंग्वेज में बदल सकते हैं जैसे- हिंदी को English में बदलना। 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) :-
➭ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर हैं जो विशेष रूप से Users के लिए तैयार किये जाते हैं। 
➭ इनको End User Software भी कहा जाता हैं। 
➭ वर्ड प्रोसेसर, वेब ब्राउज़र, एक्सेल आदि इसी की श्रेणी में आते हैं। 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को दो भागो में बनता गया हैं जो निम्न हैं -
1. बेसिक एप्लीकेशन (बेसिक Application):-
➭ इनका उपयोग अनेक कार्यो के लिए किया जाता हैं। जैसे - संदेश भेजने, डॉक्यूमेंट तैयार करने, डेटाबेस, ऑनलाइन शॉपिंग आदि। 
2. स्पेशलाइज्ड एप्लीकेशन (Specialized Applications):-
➭ ये प्रोग्राम कुछ विशेष कार्यों के लिए बने होते हैं। जो किसी व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करते हैं। 
➭ कुछ अच्छे प्रोग्राम्स -ग्राफिक्स, ऑडियो, वीडियो, मल्टीमीडिया, वेब लेखन और कृत्रिम बुद्धि। 

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